कांगड़ा में ऑनलाइन बेटिंग रैकेट: छह पर केस, 41 मोबाइल और 7 लैपटॉप ज़ब्त
· Diwa Bonus न्यूज़ डेस्क

क्या हुआ
हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए कथित सट्टेबाज़ी चलाने के आरोप में छह लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। ANI, The Tribune और Hindustan Times की रिपोर्टों के अनुसार पुलिस को 22 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि कांगड़ा के पास बिरटा में एक मकान की दूसरी मंज़िल पर कुछ लोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म चला रहे हैं और कई बैंक खातों के ज़रिए लोगों से पैसा जमा करवा रहे हैं। पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में किराए के इस मकान की तलाशी ली और वहाँ से 41 मोबाइल फ़ोन और 7 लैपटॉप ज़ब्त किए।
कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक Kulbhushan Verma ने ANI को बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर गेमिंग ऐप्स के ज़रिए बेटिंग करवा रहे थे और देश के अलग-अलग हिस्सों से UPI ID और QR कोड से जुड़े बैंक खातों में पैसा ले रहे थे।
मुख्य तथ्य और आंकड़े
- ज़ब्ती: 41 मोबाइल फ़ोन और 7 लैपटॉप।
- आरोपी: छह लोग, जिनमें तीन कांगड़ा ज़िले के और तीन बिहार के निवासी बताए गए। नाम Lavlesh (25), Sagar Chaudhary (27), Aryan (20), Manoj Kumar Mehta (28), Pankaj Pandit (31) और Vivek Kumar (27) बताए गए हैं।
- प्लेटफ़ॉर्म: The Tribune के अनुसार सूचना में Lotus265, 100Panel और FairPlay नाम के ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म चलाने और स्थानीय लोगों को पैसा लगाने के लिए लुभाने की बात थी।
- म्यूल खाते: पुलिस को शक है कि इन खातों को म्यूल अकाउंट की तरह इस्तेमाल करके बड़ी रकम घुमाई गई।
- धाराएँ: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(5) और 318 के तहत केस दर्ज, जो चोरी की संपत्ति और धोखाधड़ी से जुड़ी हैं।
- आगे की जाँच: SP के अनुसार बैंकों से जानकारी माँगी गई है। यह भी देखा जा रहा है कि पैसा विदेशी खातों में तो नहीं गया या कोई विदेश में बैठा व्यक्ति इस काम को चला तो नहीं रहा था।
ANI के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मोबाइल और लैपटॉप नगरोटा इलाके के एक अन्य व्यक्ति ने दिए थे, जिसे पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस यह भी जाँच रही है कि कहीं ये उपकरण चोरी के तो नहीं हैं। ये सभी आरोप हैं और अदालत में साबित होने बाकी हैं।
Diwa/Yono गेम खेलने वालों के लिए इसका मतलब
इस मामले में पैसा किसी कंपनी के नाम वाले एक खाते में नहीं, बल्कि अलग-अलग लोगों के बैंक खातों से जुड़ी UPI ID और QR कोड में लिया जा रहा था। अगर कोई गेम ऐप या उसका “एजेंट” आपको हर बार नया QR कोड या किसी अनजान व्यक्ति की UPI ID भेजता है, तो यह गंभीर चेतावनी है। ऐसे खातों के फ्रीज़ होने पर आपकी जमा रकम वापस मिलना मुश्किल हो सकता है, और आपका नाम भी जाँच के लेनदेन में आ सकता है।
यह भी याद रखें कि Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 के तहत ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश, उनका प्रचार और उनसे जुड़े भुगतान की सुविधा देना प्रतिबंधित है। Diwa Bonus किसी APK को होस्ट नहीं करता और किसी ऐप से जुड़ा नहीं है। हम सिर्फ़ जानकारी देते हैं ताकि आप सोच-समझकर फ़ैसला लें।
सुरक्षा सलाह
- कानून जाँचें: किसी भी गेम में पैसा लगाने से पहले केंद्र और अपने राज्य का कानून देखें।
- 18+ ही: गेमिंग ऐप्स सिर्फ़ वयस्कों के लिए हैं।
- अपना खाता किराए पर न दें: कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, UPI ID या सिम किसी को न दें। म्यूल खाते का धारक भी कानूनी मुश्किल में पड़ सकता है।
- OTP और PIN: OTP, UPI PIN या स्क्रीन-शेयरिंग की माँग पर बातचीत तुरंत बंद करें।
- अनजान QR से भुगतान न करें: निजी व्यक्तियों के नाम वाले बदलते QR कोड पर पैसा न भेजें।
- शिकायत: ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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स्रोत
- Himachal: Kangra Police book 6 in alleged online betting racket, seize 41 mobile phones and 7 laptops — ANI, 2026-10-24
- Suspected online gaming racket busted in Kangra; 41 cellphones, 7 laptops seized — The Tribune, 2026-10-24
- Himachal: Six booked for operating illegal online gaming platform in Kangra — Hindustan Times, 2026-10-24